मीडिया पर भड़के जस्टिस गांगुली, कहा- ‘मुझे परेशान न करें’

मीडिया पर भड़के जस्टिस गांगुली, कहा- ‘मुझे परेशान न करें’

नई दिल्ली: जस्टिस गांगुली कांड में दिल्ली पुलिस ने पीड़ित इंटर्न को ई-मेल. एक लिखा है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पीड़ित इंटर्न से समय मांगा है। वहीं जस्टिस गांगुली ने मीडिया पर भड़क कर कहा कि ‘मुझे परेशान न करें, मैं बहुत बर्दाश्त कर रहा हूं।’

दिल्ली पुलिस इंटर्न का बयान दर्ज कर सकती है। कनॉट प्लेस के एसीपी पवन कुमार के मुताबिक तिलक मार्ग थाना में दर्ज की गई भारत विकास संगठन की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने लॉ इंटर्न को मेल लिखकर बयान कराने के लिए कहा है। ये शिकायत परसों दर्ज की गई थी। लेकिन अभी तक इंटर्न की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। अभी मामला सुप्रीम कोर्ट की जांच समिति में चल रहा है। इसलिए लड़की बात नहीं कर रही है। साथ ही दिल्ली पुलिस ने कानूनी सलाह की भी मांग की है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी ने माना है कि प्रथम दृष्टि में जस्टिस गांगुली का व्यवहार आपत्तिजनक लगता है। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय का ये कहना है कि कोर्ट इसमें कोई कार्रवाई नहीं कर सकता क्योंकि घटना के वक्त जस्टिस गांगुली सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो चुके थे। सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पी. सदाशिवम को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में लिखा है कि कमेटी ने पीड़ित लड़की, जस्टिस गांगुली और तीन गवाहों का लिखित और मौखिक बयान सुना। कमेटी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि पीड़िता और जस्टिस गांगुली 24 दिसंबर 2012 को एक पांच सितारा होटल में रात 8 और 10.30 बजे के बीच मिले। पीड़िता के बयान से प्रथम दृष्टि में ये लगता है कि जस्टिस गांगुली का व्यवहार आपत्तिजनक था। उसे यौन शोषण कहा जा सकता है।

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